وَجَعَلُواْ بَيۡنَهُۥ وَبَيۡنَ ٱلۡجِنَّةِ نَسَبٗاۚ وَلَقَدۡ عَلِمَتِ ٱلۡجِنَّةُ إِنَّهُمۡ لَمُحۡضَرُونَ ١٥٨
और उन्होंने अल्लाह तथा जिन्नों के बीच रिश्तेदारी बना दी। हालाँकि निःसंदेह जिन्न जान चुके हैं कि निःसंदेह वे (मुश्रिक) अवश्य उपस्थित किए जाने वाले हैं।28
फ़ुटनोट
28 अर्थात यातना के लिए। तो यदि वे उसके संबंधी होते, तो उन्हें यातना क्यों देता?
तफ़सीर
मुश्रिकों ने यह दावा करके कि फ़रिश्ते अल्लाह की बेटियाँ हैं, अल्लाह और फ़रिश्तों के बीच, जो उनसे पोशीदा हैं, रिश्तेदारी बना दी। हालाँकि फ़रिश्तों को मालूम है कि अल्लाह मुश्रिकों को हिसाब के लिए ज़रूर हाज़िर करेगा।