सूरह As-Saffat, आयत 154

37:154

مَا لَكُمۡ كَيۡفَ تَحۡكُمُونَ ١٥٤

तुम्हें क्या हो गया है, तुम कैसा फ़ैसला कर रहे हो?

तफ़सीर

(ऐ मुश्रिको!) तुम्हें क्या हो गया है कि यह अन्यायपूर्ण फ़ैसला कर रहे हो, कि अल्लाह के लिए बेटियाँ ठहराते हो और अपने लिए बेटे?!