فَٱصۡبِرۡ إِنَّ وَعۡدَ ٱللَّهِ حَقّٞۖ وَلَا يَسۡتَخِفَّنَّكَ ٱلَّذِينَ لَا يُوقِنُونَ ٦٠
तो आप धैर्य से काम लें। निःसंदेह अल्लाह का वचन सत्य है और वे लोग आपको22 कदापि हल्का (अधीर) न कर दें, जो यक़ीन नहीं रखते।
फ़ुटनोट
22 अंतिम आयत में आप (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को धैर्य तथा साहस रखने का आदेश दिया गया है। और अल्लाह ने जो विजय देने तथा सहायता करने का वचन दिया है, उसके पूरा होने और निराश न होने के लिए कहा जा रहा है।
तफ़सीर
(ऐ रसूल) आप अपनी जाति के आपको झुठलाने पर सब्र से काम लें। निश्चित रूप से अल्लाह ने आपसे जो सहायता और प्रभुत्व प्रदान करने का वादा किया है, वह सच्चा है, उसमें कोई संदेह नहीं है। और वे लोग जो दोबारा जीवित कर उठाए जाने पर विश्वास नहीं रखते हैं, आपको जल्दी करने और सब्र छोड़ने पर न उभारें।