يَمۡحُواْ ٱللَّهُ مَا يَشَآءُ وَيُثۡبِتُۖ وَعِندَهُۥٓ أُمُّ ٱلۡكِتَٰبِ ٣٩
अल्लाह जो चाहता है, मिटा देता है और बाक़ी रखता है। और उसी के पास मूल किताब23 है।
फ़ुटनोट
23 अर्थात "लौह़े मह़फ़ूज़" जिसमें सब कुछ अंकित है।
तफ़सीर
अल्लाह जिस भलाई, या बुराई, या सौभाग्य, या दुर्भाग्य को चाहता है, मिटा देता है और उनमें से जिसे चाहता है बाक़ी रखता है। और उसी के पास 'लौह़ -ए- महफ़ूज़' है। वह उन सब का संदर्भ है, और जो कुछ भी मिटाया जाता या बाक़ी रखा जाता है, उसी के अनुसार होता है, जो उसमें अंकित है।