सूरह An-Nisa, आयत 80

4:80

مَّن يُطِعِ ٱلرَّسُولَ فَقَدۡ أَطَاعَ ٱللَّهَۖ وَمَن تَوَلَّىٰ فَمَآ أَرۡسَلۡنَٰكَ عَلَيۡهِمۡ حَفِيظٗا ٨٠

जिसने रसूल की आज्ञा का पालन किया, (वास्तव में) उसने अल्लाह की आज्ञा का पालन किया तथा जिसने मुँह फेर लिया, तो (ऐ नबी!) हमने आपको उनपर संरक्षक बनाकर नहीं भेजा56 है।

फ़ुटनोट

56 अर्थात आपका कर्तव्य अल्लाह का संदेश पहुँचाना है, उनके कर्मों तथा उन्हें सीधी डगर पर लगा देने का दायित्व आप पर नहीं है।

तफ़सीर

जिसने रसूल का, उनके आदेशों का अनुपालन कर और उनकी मना की हुई चीज़ों से बचकर, आज्ञापालन किया, तो उसने अल्लाह के आदेश का पालन किया और जिसने - ऐ रसूल! - आपके आज्ञापालन से मुँह फेरा, तो आप उसके लिए दुखी न होंं। क्योंकि हमने आपको उसके ऊपर संरक्षक बनाकर नहीं भेजा है कि आप उसके कार्यों को संरक्षित करें। बल्कि उसके कार्यों को गिनकर रखने और उसका हिसाब लेने का काम हमारा है।