يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ خُذُواْ حِذۡرَكُمۡ فَٱنفِرُواْ ثُبَاتٍ أَوِ ٱنفِرُواْ جَمِيعٗا ٧١
ऐ ईमान वालो! अपने (शत्रुओं से) बचाव का सामान ले लो, फिर अलग-अलग समूहों में अथवा सब के सब इकट्ठे होकर निकल पड़ो।
तफ़सीर
ऐ अल्लाह पर ईमान रखने और उसके रसूल का अनुसरण करने वालो! अपने दुश्मनों से, उनसे जंग करने पर सहायक कारणों को अपनाकर, सावधान रहो। अतः उनकी ओर एक के बाद एक गुट बनाकर निकलो, या सब के सब इकट्ठे होकर निकल पड़ो। यह सब इस तथ्य के अधीन है कि किस चीज़ में तुम्हारा हित और किसी चीज़ में तुम्हारे दुश्मनों का पराजय है।