सूरह An-Nazi'at, आयत 37

79:37

فَأَمَّا مَن طَغَىٰ ٣٧

तो जो व्यक्ति हद से बढ़ गया।

तफ़सीर

तो जो व्यक्ति गुमराही में हद को पार कर गया।