सूरह An-Nazi'at, आयत 31

79:31

أَخۡرَجَ مِنۡهَا مَآءَهَا وَمَرۡعَىٰهَا ٣١

उससे उसका पानी और उसका चारा निकाला।

तफ़सीर

उससे बहते (जल) स्रोतों के रूप में उसका पानी निकाला और उसमें ऐसे पौधे उगाए, जो जानवर चरते हैं।