۞ وَإِذَا وَقَعَ ٱلۡقَوۡلُ عَلَيۡهِمۡ أَخۡرَجۡنَا لَهُمۡ دَآبَّةٗ مِّنَ ٱلۡأَرۡضِ تُكَلِّمُهُمۡ أَنَّ ٱلنَّاسَ كَانُواْ بِـَٔايَٰتِنَا لَا يُوقِنُونَ ٨٢
और जब उनपर15 बात पूरी हो जाएगी, तो हम उनके लिए धरती से एक पशु निकालेंगे, जो उनसे बात करेगा16 कि निश्चय लोग हमारी आयतों पर विश्वास नहीं करते थे।
फ़ुटनोट
15 अर्थात प्रलय होने का समय।
16 यह पशु वही है जो प्रलय के समीप होने का एक लक्षण है, जैसा कि ह़दीस में नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का कथन है कि प्रलय उस समय तक नहीं होगी जब तक तुम दस लक्षण न देख लो, उनमें से एक पशु का निकलना है। (देखिए : सह़ीह़ मुस्लिम, ह़दीस संख्या : 2901) आपका दूसरा कथन यह है कि सर्व प्रथम जो लक्षण होगा वह सूर्य का पश्चिम से निकलना होगा। तथा पूर्वान्ह से पहले पशु का निकलना इनमें से जो भी पहले होगा, शीघ्र ही दूसरा उस के पश्चात होगा। (देखिए : सह़ीह़ मुस्लिम, ह़दीस संख्या : 2941) और यह पशु मानव भाषा में बात करेगा जो अल्लाह के सामर्थ्य का एक चिह्न होगा।
तफ़सीर
जब उनके कुफ़्र एवं पापों पर अडिग रहने के कारण यातना उनपर साबित और आवश्यक हो जाएगी, तथा केवल बुरे लोग ही शेष रह जाएँगे, तो हम क़ियामत के निकट होने पर उनके लिए क़ियामत की बड़ी निशानियों में से एक निशानी निकालेंगे, और वह (निशानी) धरती का एक जानवर है, जो लोगों से इस तरह बात करेगा जो वे समझेंगे, कि लोग हमारे नबी पर उतरने वाली हमारी आयतों पर विश्वास नहीं करते थे।