أَمَّن جَعَلَ ٱلۡأَرۡضَ قَرَارٗا وَجَعَلَ خِلَٰلَهَآ أَنۡهَٰرٗا وَجَعَلَ لَهَا رَوَٰسِيَ وَجَعَلَ بَيۡنَ ٱلۡبَحۡرَيۡنِ حَاجِزًاۗ أَءِلَٰهٞ مَّعَ ٱللَّهِۚ بَلۡ أَكۡثَرُهُمۡ لَا يَعۡلَمُونَ ٦١
(क्या वे साझीदार बेहतर हैं) या वह जिसने धरती को ठहरने का स्थान बनाया और उसके बीच नहरें बनाईं और उसके लिए पहाड़ बनाए और दो समुद्रों के बीच अवरोध बनाया? क्या अल्लाह के साथ कोई (अन्य) पूज्य है ? बल्कि उनमें से अधिकतर लोग नहीं जानते।
तफ़सीर
अथवा वह (बेहतर) है, जिसने धरती को स्थिर बनाया, जो अपने ऊपर मौजूद चीज़ों के साथ हिलती-डुलती नहीं है, तथा उसके भीतर बहने वाली नदियों को बनाया और उसके लिए स्थिर पर्वत बनाए, तथा दो समुद्रों : खारे और मीठे के बीच एक विभाजक बनाया, जो खारे पानी को मीठे पानी के साथ मिलने से रोकता है ताकि उसका स्वाद ख़राब न हो और वह पीने के लिए उपयुक्त न रह जाए। क्या किसी (अन्य) पूज्य ने अल्लाह के साथ यह सारा काम किया है?! कदापि नहीं, बल्कि उनके अधिकांश लोग (अल्लाह की महानता को) नहीं जानते। यदि वे जानते होते तो अल्लाह की किसी सृष्टि को कभी उसका साझी नहीं बनाते।