قَالُواْ ٱطَّيَّرۡنَا بِكَ وَبِمَن مَّعَكَۚ قَالَ طَٰٓئِرُكُمۡ عِندَ ٱللَّهِۖ بَلۡ أَنتُمۡ قَوۡمٞ تُفۡتَنُونَ ٤٧
उन्होंने कहा : हमने तुमपर तथा तुम्हारे साथियों पर अपशकुन पाया है। (सालेह़ ने) कहा : तुम्हारा अपशकुन अल्लाह के पास8 है, बल्कि तुम ऐसे लोग हो जिनकी परीक्षा ली जा रही है।
फ़ुटनोट
8 अर्थात तुमपर जो अकाल पड़ा है, वह अल्लाह की ओर से है जिसे तुम्हारे कुकर्मों के कारण अल्लाह ने तुम्हारे भाग्य में लिख दिया है। और यह अशुभ मेरे कारण नहीं बल्कि तुम्हारे कुफ़्र के कारण है। (फ़त्ह़ुल क़दीर)
तफ़सीर
उनके समुदाय ने सत्य से हठधर्म दिखाते हुए उनसे कहा : हम तुमसे तथा तुम्हारे साथ जो मोमिन हैं उनसे अपशकुन लेते हैं। सालेह अलैहिस्सलाम ने उनसे कहा : तुम अपने ऊपर आने वाली कठिनाइयों के कारण पक्षियों को उड़ाकर जो अपशकुन लेते हो, अल्लाह के पास उसका ज्ञान है, उसमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है। बल्कि तुम्हें जो बड़ी मात्रा में भलाई प्रदान की जा रही है तथा तुम जो बुराइयों से ग्रस्त होते हो, उनके द्वारा तुम आज़माए जा रहे हो।