सूरह An-Naml, आयत 14

27:14

وَجَحَدُواْ بِهَا وَٱسۡتَيۡقَنَتۡهَآ أَنفُسُهُمۡ ظُلۡمٗا وَعُلُوّٗاۚ فَٱنظُرۡ كَيۡفَ كَانَ عَٰقِبَةُ ٱلۡمُفۡسِدِينَ ١٤

तथा उन्होंने अत्याचार एवं अभिमान के कारण उनका इनकार कर दिया। हालाँकि उनके दिलों को उनका विश्वास हो चुका था। तो देखो कि बिगाड़ पैदा करने वालों का परिणाम कैसा हुआ?

तफ़सीर

उन्होंने इन स्पष्ट निशानियों का इनकार कर दिया और उन्हें मानने पर नहीं आए। हालाँकि उनके दिलों को इस बात का अच्छी तरह विश्वास था कि ये अल्लाह की ओर से हैं; ऐसा उन्होंने अत्याचार और सत्य से अहंकार के कारण किया। अतः (ऐ रसूल!) विचार करें कि अपने कुफ़्र और अवज्ञा के द्वारा घरती पर बिगाड़ पैदा करने वालों का परिणाम कैसा रहा! निश्चय हमने उन्हें नष्ट कर दिया और उन सबका विनाश कर दिया।