۞ وَقَالَ ٱللَّهُ لَا تَتَّخِذُوٓاْ إِلَٰهَيۡنِ ٱثۡنَيۡنِۖ إِنَّمَا هُوَ إِلَٰهٞ وَٰحِدٞ فَإِيَّٰيَ فَٱرۡهَبُونِ ٥١
और अल्लाह ने कहा : दो पूज्य न बनाओ। वह तो केवल एक ही पूज्य है। अतः तुम मुझी से डरो।
तफ़सीर
अल्लाह ने अपने सभी बंदों से कहा : दो पूज्य न बनाओ। सत्य पूज्य तो केवल एक है, उसका कोई दूजा और साझी नहीं। इसलिए मुझी से डरो और मेरे सिवा किसी से न डरो।