إِنَّمَا قَوۡلُنَا لِشَيۡءٍ إِذَآ أَرَدۡنَٰهُ أَن نَّقُولَ لَهُۥ كُن فَيَكُونُ ٤٠
हमारा कहना किसी चीज़ को, जब हम उसका इरादा कर लें, इसके सिवा कुछ नहीं होता कि हम उसे कहते हैं : 'हो जा', तो वह हो जाती है।
तफ़सीर
जब हम मृतकों को पुनर्जीवित करना और उन्हें उठाना चाहें, तो हमें कोई चीज़ इससे रोक नहीं सकती। जब हम किसी चीज़ को पैदा करना चाहते हैं, तो उसे केवल यह कहते हैं कि : (हो जा), तो वह अनिवार्य रूप से हो जाती है।