सूरह An-Naba, आयत 38

78:38

يَوۡمَ يَقُومُ ٱلرُّوحُ وَٱلۡمَلَٰٓئِكَةُ صَفّٗاۖ لَّا يَتَكَلَّمُونَ إِلَّا مَنۡ أَذِنَ لَهُ ٱلرَّحۡمَٰنُ وَقَالَ صَوَابٗا ٣٨

जिस दिन रूह़ (जिबरील) तथा फ़रिश्ते पंक्तियों में खड़े होंगे, उससे केवल वही बात कर सकेगा जिसे रहमान (अल्लाह) आज्ञा देगा और वह ठीक बात कहेगा।

तफ़सीर

जिस दिन जिबरील और फ़रिश्ते पंक्तिबद्ध खड़े होंगे, वे किसी की सिफ़ारिश के लिए ज़बान नहीं खोलेंगे, सिवाय उसके जिसके लिए अत्यंत दयावान् (अल्लाह) सिफ़ारिश करने की अनुमति प्रदान कर देगा, और वह ठीक बात कहेगा, जैसे तौह़ीद (एकेश्वरवाद) का कलिमा।