सूरह An-Naba, आयत 26

78:26

جَزَآءٗ وِفَاقًا ٢٦

यह पूरा-पूरा बदला है।

तफ़सीर

यह उनके कुफ़्र एवं गुमराही के अनुरूप बदला है।