وَظِلّٖ مَّمۡدُودٖ ٣٠
और ऐसी छाया में जो अच्छी तरह फैली हुई है।4
फ़ुटनोट
4 ह़दीस में है कि स्वर्ग में एक वृक्ष है जिसकी छाया में सवार सौ वर्ष चलेगा फिर भी वह समाप्त नहीं होगी। (सह़ीह़ बुख़ारी : 4881)
तफ़सीर
और ऐसी छाया में जो अच्छी तरह फैली हुई, निरंतर रहने वाली है, जो कभी समाप्त न होगी।