فَخَرَجَ مِنۡهَا خَآئِفٗا يَتَرَقَّبُۖ قَالَ رَبِّ نَجِّنِي مِنَ ٱلۡقَوۡمِ ٱلظَّٰلِمِينَ ٢١
तो वह डरता हुआ उस (शहर) से निकल पड़ा, इंतज़ार करता था (कि अब क्या होगा), उसने प्रार्थना की : ऐ मेरे पालनहार! मुझे इन ज़ालिम लोगों से बचा ले।
तफ़सीर
चुनाँचे मूसा ने उस शुभचिंतक व्यक्ति की बात मान ली और डरते हुए उस शहर से निकल पड़े, इंतज़ार कर रहे थे कि अब उनके साथ क्या होता है। उन्होंने अपने रब से विनती करते हुए कहा : ऐ मेरे रब! मुझे इन अत्याचारियों से बचा ले, कि वे मुझे कोई हानि न पहुँचा सकें।