مَا لَكُمۡ كَيۡفَ تَحۡكُمُونَ ٣٦
तुम्हें क्या हुआ, तुम कैसे फ़ैसले करते हो?
तफ़सीर
तुम्हें (ऐ मुश्रिको) क्या हो गया है कि तुम यह अनुचित और कुटिल निर्णय देते हो?!
مَا لَكُمۡ كَيۡفَ تَحۡكُمُونَ ٣٦
तुम्हें क्या हुआ, तुम कैसे फ़ैसले करते हो?
तुम्हें (ऐ मुश्रिको) क्या हो गया है कि तुम यह अनुचित और कुटिल निर्णय देते हो?!