ثُمَّ يُقَالُ هَٰذَا ٱلَّذِي كُنتُم بِهِۦ تُكَذِّبُونَ ١٧
फिर कहा जाएगा : यही है, जिसे तुम झुठलाया करते थे।2
फ़ुटनोट
2 (7-17) इन आयतों में कुकर्मियों के दुष्परिणाम का विवरण दिया गया है। तथा यह बताया गया है कि उनके कुकर्म पहले ही से अपराध पत्रों में अंकित किए जा रहे हैं। तथा वे परलोक में कड़ी यातना का सामना करेंगे। और नरक में झोंक दिए जाएँगे। "सिज्जीन" से अभिप्राय, एक जगह है जहाँ पर काफ़िरों, अत्याचारियों और मुश्रिकों के कुकर्म पत्र तथा प्राण एकत्र किए जाते हैं। दिलों का लोहमल, पापों की कालिमा को कहा गया है। पाप अंतरात्मा को अंधकार बना देते हैं, तो सत्य को स्वीकार करने की स्वभाविक योग्यता खो देते हैं।
तफ़सीर
फिर उनसे क़ियामत के दिन उन्हें फटकार लगाते हुए कहा जाएगा : यह यातना जो तुम्हें झेलनी पड़ी है, यह वही है, जिसे तुम दुनिया में झुठलाया करते थे, जब तुम्हारे रसूल तुम्हें इसके बारे में बताते थे।