सूरह Al-Mutaffifin, आयत 14

83:14

كَلَّاۖ بَلۡۜ رَانَ عَلَىٰ قُلُوبِهِم مَّا كَانُواْ يَكۡسِبُونَ ١٤

हरगिज़ नहीं, बल्कि जो कुछ वे कमाते थे, वह ज़ंग बनकर उनके दिलों पर छा गया है।

तफ़सीर

मामला वैसा नहीं है, जैसा इन झुठलाने वालों ने समझ रखा है। बल्कि वे जो कुछ पाप किया करते थे, वह उनकी बुद्धियों पर छा गया है और उन्हें ढाँप दिया है। इसलिए वे सत्य को अपने दिलों से नहीं देख सकते।