مَا ٱتَّخَذَ ٱللَّهُ مِن وَلَدٖ وَمَا كَانَ مَعَهُۥ مِنۡ إِلَٰهٍۚ إِذٗا لَّذَهَبَ كُلُّ إِلَٰهِۭ بِمَا خَلَقَ وَلَعَلَا بَعۡضُهُمۡ عَلَىٰ بَعۡضٖۚ سُبۡحَٰنَ ٱللَّهِ عَمَّا يَصِفُونَ ٩١
अल्लाह ने न कोई संतान बनाई और न कभी उसके साथ कोई पूज्य था। उस समय अवश्य प्रत्येक पूज्य, जो कुछ उसने पैदा किया था, उसे लेकर चल देता और निश्चय उनमें से एक, दूसरे पर चढ़ाई कर देता। पवित्र है अल्लाह उससे, जो वे बयान करते हैं।
तफ़सीर
अल्लाह ने कोई संतान नहीं बनाई, जैसा कि काफिरों का दावा है, और उसके साथ वास्तव में कभी कोई पूज्य नहीं था। यदि मान लिया जाए कि उसके साथ वास्तव में कोई पूज्य है, तो प्रत्यक पूज्य उस सृष्टि के अपने हिस्से के साथ चला जाता, जो उसने बनाया था, और वे अवश्य एक-दूसरे पर चढ़ दौड़ते। इस प्रकार ब्रह्मांड की व्यवस्था बिगड़ जाती। जबकि वास्तव में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। अतः यह इंगित करता है कि सत्य पूज्य एक ही है और वह अकेला अल्लाह है। वह बहुत पवित्र एवं महान है उन अयोग्य बातों से, जो अनेकेश्वरवादी उसके साझी और संतान होने की बयान करते हैं।