सूरह Al-Muddaththir, आयत 53

74:53

كَلَّاۖ بَل لَّا يَخَافُونَ ٱلۡأٓخِرَةَ ٥٣

ऐसा कदापि नहीं हो सकता, बल्कि वे आख़िरत से नहीं डरते।

तफ़सीर

मामला यह नहीं है। बल्कि उनके गुमराही में में बने रहने का कारण यह है कि वे आख़िरत की यातना पर ईमान नहीं रखते हैं। इसलिए वे अपने कुफ़्र पर बने हुए हैं।