كَأَنَّهُمۡ حُمُرٞ مُّسۡتَنفِرَةٞ ٥٠
जैसे वे सख़्त बिदकने वाले गधे हैं।
तफ़सीर
वे क़ुरआन से मुँह मोड़ने और उससे भागने में सख़्त बिदकने वाले जंगली गधों जैसे मालूम होते हैं।
كَأَنَّهُمۡ حُمُرٞ مُّسۡتَنفِرَةٞ ٥٠
जैसे वे सख़्त बिदकने वाले गधे हैं।
वे क़ुरआन से मुँह मोड़ने और उससे भागने में सख़्त बिदकने वाले जंगली गधों जैसे मालूम होते हैं।