सूरह Al-Muddaththir, आयत 25

74:25

إِنۡ هَٰذَآ إِلَّا قَوۡلُ ٱلۡبَشَرِ ٢٥

यह तो मात्र मनुष्य7 की वाणी है।

फ़ुटनोट

7 अर्थात अल्लाह की वाणी नहीं है।

तफ़सीर

यह अल्लाह की वाणी नहीं, बल्कि वह इनसान की वाणी है।