۞ وَتَرَكۡنَا بَعۡضَهُمۡ يَوۡمَئِذٖ يَمُوجُ فِي بَعۡضٖۖ وَنُفِخَ فِي ٱلصُّورِ فَجَمَعۡنَٰهُمۡ جَمۡعٗا ٩٩
और उस34 दिन हम उन्हें इस अवस्था में छोड़ देंगे कि वे एक-दूसरे से मौजों की तरह परस्पर गुत्थम-गुत्था हो जाएँगे और “सूर” फूँक दिया जाएगा, तो हम उन सभी को इकट्ठा करेंगे।
फ़ुटनोट
34 इस आयत में उस प्रलय के आने के समय की दशा का चित्रण किया गया है जिसे ज़ुल-क़रनैन ने सच्चा वादा कहा है।
तफ़सीर
और हम अंतिम काल में लोगों को इस अवस्था में छोड़ देंगे कि वे एक-दूसरे से मौजों की तरह परस्पर गुत्थम-गुत्था हो जाएँगे और “सूर” फूँक दिया जाएगा, तो हम सभी प्राणियों को हिसाब और बदले के लिए इकट्ठा कर लेंगे।