قَالُواْ يَٰذَا ٱلۡقَرۡنَيۡنِ إِنَّ يَأۡجُوجَ وَمَأۡجُوجَ مُفۡسِدُونَ فِي ٱلۡأَرۡضِ فَهَلۡ نَجۡعَلُ لَكَ خَرۡجًا عَلَىٰٓ أَن تَجۡعَلَ بَيۡنَنَا وَبَيۡنَهُمۡ سَدّٗا ٩٤
उन्होंने कहा : ऐ ज़ुल-क़रनैन! निःसंदेह याजूज और माजूज इस भूभाग में उत्पात मचाने वाले हैं। तो क्या हम आपके लिए कुछ राजस्व तय कर दें, इस शर्त पर कि आप हमारे और उनके बीच एक अवरोध बना दें?
तफ़सीर
उन लोगों ने कहा : ऐ ज़ुल-क़रनैन! याजूज और माजूज (इससे अभिप्राय दो बड़े मानव समुदाय थे।) हत्या आदि के द्वारा इस भूभाग में उत्पात मचाते रहते हैं। तो क्या हम आपको कुछ धन प्रदान करें कि आप हमारे और उनके बीच एक अवरोध निर्मित कर देंॽ