وَيَوۡمَ نُسَيِّرُ ٱلۡجِبَالَ وَتَرَى ٱلۡأَرۡضَ بَارِزَةٗ وَحَشَرۡنَٰهُمۡ فَلَمۡ نُغَادِرۡ مِنۡهُمۡ أَحَدٗا ٤٧
तथा जिस दिन हम पर्वतों को चलाएँगे, और तुम धरती को साफ़ मैदान18 देखोगे, और हम उन्हें एकत्रित करेंगे, तो उनमें से किसी को नहीं छोड़ेंगे।
फ़ुटनोट
18 अर्थात न उसमें कोई चिह्न होगा न छिपने का स्थान।
तफ़सीर
और उस दिन को याद करो, जब हम पर्वतों को उनके स्थानों से हटा देंगे। और तुम धरती को साफ़ और खुला मैदान देखोगे, क्योंकि उस पर उपस्थित पहाड़, पेड़ और इमारत सब गायब हो जाएँगे। और हम सभी प्राणियों को इकट्ठा कर लेंगे। चुनाँचे हम उनमें से किसी को भी नहीं छोड़ेंगे, जिसे हमने पुनर्जीवित करके उठाया न हो।