ٱلَّذِينَ كَانَتۡ أَعۡيُنُهُمۡ فِي غِطَآءٍ عَن ذِكۡرِي وَكَانُواْ لَا يَسۡتَطِيعُونَ سَمۡعًا ١٠١
जिनकी आँखें मेरी याद से पर्दे में थीं और वे सुन ही नहीं सकते थे।
तफ़सीर
हम उसे उन काफ़िरों के लिए प्रकट करेंगे, जो संसार में अल्लाह के स्मरण से अंधे थे, क्योंकि उनकी आँखों पर अल्लाह की याद से रोकने वाला पर्दा पड़ा था और वे अल्लाह की आयतों को इस तरह सुनने में सक्षम नहीं थे कि उन्हें स्वीकार कर लें।