सूरह Al-Jathiyah, आयत 29

45:29

هَٰذَا كِتَٰبُنَا يَنطِقُ عَلَيۡكُم بِٱلۡحَقِّۚ إِنَّا كُنَّا نَسۡتَنسِخُ مَا كُنتُمۡ تَعۡمَلُونَ ٢٩

यह हमारी किताब है, जो तुम्हारे बारे में सच-सच बोलती है। निःसंदेह हम लिखवाते जाते थे, जो कुछ तुम करते थे।

तफ़सीर

यह हमारी पंजिका, (जिसमें हमारे फ़रिश्ते तुम्हारे कामों को लिखते थे) तुम्हारे विरुद्ध सत्य के साथ साक्ष्य दे रही है। इसलिए इसे पढ़ो। निश्चय हम संरक्षक-फ़रिश्तों को, जो कुछ तुम दुनिया में कर रहे थे, उसे लिखने का आदेश दे रहे थे।