सूरह Al-Isra, आयत 64

17:64

وَٱسۡتَفۡزِزۡ مَنِ ٱسۡتَطَعۡتَ مِنۡهُم بِصَوۡتِكَ وَأَجۡلِبۡ عَلَيۡهِم بِخَيۡلِكَ وَرَجِلِكَ وَشَارِكۡهُمۡ فِي ٱلۡأَمۡوَٰلِ وَٱلۡأَوۡلَٰدِ وَعِدۡهُمۡۚ وَمَا يَعِدُهُمُ ٱلشَّيۡطَٰنُ إِلَّا غُرُورًا ٦٤

उनमें से जिस पर तेरा बस चल सके, उसे अपनी आवाज़39 से बहका ले, और उनपर अपने सवार और प्यादे चढ़ा40 ला, तथा धन और संतान में उनका साझी बन41 जा, और उनसे झूठे वादे कर। और शैतान उनसे जो वादा करता है, वह धोखे के सिवा कुछ नहीं होता।

फ़ुटनोट

39 अर्थात गाने और बजाने द्वारा।

40 अर्थात अपने जिन्न और मनुष्य सहायकों द्वारा उन्हें बहकाने का उपाय कर ले।

41 अर्थात अवैध धन अर्जित करने और व्यभिचार की प्रेरणा दे।

तफ़सीर

और उनमें से जिसे भी तू अपनी पाप की ओर बुलाने वाली आवाज़ से बहका सके, बहका ले और उनपर अपने आज्ञापालन की ओर बुलाने वाली पैदल तथा सवार सेना चढ़ा ला, तथा हर शरीयत विरोधी व्यवहार को सुंदर बनाकर उनके धन में उनका साझी बन जा, और उनके बच्चों में भी उनके साथ हिस्सेदार बन जा उनका झूठा दावा करके, उन्हें व्यभिचार के द्वारा प्राप्त कर और उनके ऐसे नाम रखवाकर जो अल्लाह के अलावा की बंदगी को दर्शाने वाले हों। और उनके लिए झूठे वादे और झूठी आकांक्षाएँ सुशोभित कर। और शैतान उनसे केवल झूठे वादे करता है, जो उन्हें धोखा देने वाले होते हैं।