सूरह Al-Isra, आयत 30

17:30

إِنَّ رَبَّكَ يَبۡسُطُ ٱلرِّزۡقَ لِمَن يَشَآءُ وَيَقۡدِرُۚ إِنَّهُۥ كَانَ بِعِبَادِهِۦ خَبِيرَۢا بَصِيرٗا ٣٠

निःसंदेह आपका पालनहार जिसके लिए चाहता है, रोज़ी विस्तृत कर देता है, और (जिसके लिए चाहता है) तंग कर देता है। निःसंदेह वह अपने बंदों की पूरी ख़बर रखने वाला18, सब कुछ देखने वाला है।19

फ़ुटनोट

18 अर्थात वह सब की दशा और कौन किसके योग्य है, देखता और जानता है।

19 ह़दीस में है शिर्क के बाद सबसे बड़ा पाप अपनी संतान को खिलाने के भय से मार डालना है। (बुख़ारी : 4477, मुस्लिम : 86)

तफ़सीर

निश्चय ही आपका पालनहार जिसके लिए चाहता है, रोज़ी विस्तृत कर देता है, और जिसके लिए चाहता है अपनी व्यापक हिकमत से रोज़ी तंग कर देता है। निःसंदेह वह अपने बंदों की पूरी ख़बर रखने वाला, खूब देखने वाला है, उनकी कोई भी चीज़ उससे छिपी नहीं है। इसलिए वह उनके बारे में जैसा चाहता है, निर्णय करता है।