सूरह Al-Isra, आयत 109

17:109

وَيَخِرُّونَ لِلۡأَذۡقَانِ يَبۡكُونَ وَيَزِيدُهُمۡ خُشُوعٗا۩ ١٠٩

और वे रोते हुए ठुड्डियों के बल गिर जाते हैं और यह (क़ुरआन) उनके विनय को बढ़ा देता है।

तफ़सीर

और वे अल्लाह को सजदा करते हुए, उसके भय से रोते हुए अपने चेहरों के बल गिर जाते हैं। तथा क़ुरआन का सुनना और उसके अर्थों पर चिंतन करना उन्हें अल्लाह के प्रति विनम्रता और भय में बढ़ा देता है।