عَيۡنٗا يَشۡرَبُ بِهَا عِبَادُ ٱللَّهِ يُفَجِّرُونَهَا تَفۡجِيرٗا ٦
यह एक स्रोत होगा, जिससे अल्लाह के बंदे पीएँगे। वे उसे (जहाँ चाहेंगे) बहा ले जाएँगे।4
फ़ुटनोट
4 अर्थात उसको जिधर चाहेंगे मोड़ ले जाएँगे। जैसे घर, बैठक आदि।
तफ़सीर
आज्ञाकारियों के लिए तैयार किया गया यह पेय एक ऐसे स्रोत से है, जो पीने में आसान है और प्रचुर मात्रा में है, जो कभी ख़त्म नहीं होगा। उससे अल्लाह के बंदे पीएँगे और उसे जहाँ चाहेंगे, बहा ले जाएँगे।