सूरह Al-Imran, आयत 83

3:83

أَفَغَيۡرَ دِينِ ٱللَّهِ يَبۡغُونَ وَلَهُۥٓ أَسۡلَمَ مَن فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ طَوۡعٗا وَكَرۡهٗا وَإِلَيۡهِ يُرۡجَعُونَ ٨٣

तो क्या वे अल्लाह के धर्म (इस्लाम) के अलावा कुछ और तलाश करते हैं? जबकि आकाशों और धरती में जो भी है स्वेच्छा से और अनिच्छा से उसी का आज्ञाकारी45 है तथा वे उसी की ओर लौटाए46 जाएँगे।

फ़ुटनोट

45 अर्थात उसी की आज्ञा तथा व्यवस्था के अधीन हैं। फिर तुम्हें इस स्वभाविक धर्म से इनकार क्यों है?

46 अर्थात प्रलय के दिन अपने कर्मों के प्रतिफल के लिए।

तफ़सीर

क्या अल्लाह के धर्म और उसकी आज्ञाकारिता से निकल जाने वाले ये लोग अल्लाह के उस धर्म के अलावा जिसे अल्लाह ने अपने बंदो के लिए चुन लिया है - जो कि इस्लाम है - कोई अन्य धर्म तलाश करते हैं?! हालाँकि आकाशों और धरती के सभी प्राणियों ने उसके सामने आत्मसमर्पण कर दिया और उसके आज्ञाकारी हो गए, चाहे मोमिनों की तरह स्वेच्छा से हो, और चाहे काफ़िरों की तरह अनिच्छा से हो। फिर क़ियामत के दिन सभी प्राणियों को हिसाब और बदले के लिए अल्लाह ही की ओर लौटकर जाना है।