सूरह Al-Imran, आयत 58

3:58

ذَٰلِكَ نَتۡلُوهُ عَلَيۡكَ مِنَ ٱلۡأٓيَٰتِ وَٱلذِّكۡرِ ٱلۡحَكِيمِ ٥٨

(ऐ नबी!) यह है जिसे हम आयतों (निशानियों) और हिकमत से परिपूर्ण (दृढ़) उपदेश में से आपको पढ़कर सुनाते हैं।

तफ़सीर

यह जो हम आपको ईसा अलैहिस्सलाम का समाचार पढ़कर सुना रहे हैं, इस बात को प्रमाणित करने वाली स्पष्ट निशानियों में से है कि आपकी ओर जो कुछ उतारा गया है वह सत्य है। तथा वह डरने वालों के लिए दृढ़ उपदेश है, जिसमें बातिल (असत्य) का समावेश नहीं हो सकता।