सूरह Al-Imran, आयत 26

3:26

قُلِ ٱللَّهُمَّ مَٰلِكَ ٱلۡمُلۡكِ تُؤۡتِي ٱلۡمُلۡكَ مَن تَشَآءُ وَتَنزِعُ ٱلۡمُلۡكَ مِمَّن تَشَآءُ وَتُعِزُّ مَن تَشَآءُ وَتُذِلُّ مَن تَشَآءُۖ بِيَدِكَ ٱلۡخَيۡرُۖ إِنَّكَ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٞ ٢٦

(ऐ नबी!) कह दें : ऐ अल्लाह! राज्य के स्वामी! तू जिसे चाहे, राज्य देता है और जिससे चाहे, राज्य छीन लेता है तथा जिसे चाहे, सम्मान देता है और जिसे चाहे, अपमानित कर देता है। तेरे ही हाथ में सारी भलाई है। निःसंदेह तू हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।11

फ़ुटनोट

11 इस आयत में अल्लाह की अपार शक्ति का वर्णन है।

तफ़सीर

ऐ रसूल! आप अपने पालनहार की प्रशंसा और उसकी महिमा करते हुए कह दें : ऐ अल्लाह! तू ही दुनिया और आख़िरत में सारे राज्य का मालिक है। तू अपनी सृष्टि में से जिसे चाहता है, उसे राज्य प्रदान करता है और जिससे चाहता है, उसे छीन लेता है। तथा उनमें से जिसे तू चाहता है, सम्मान देता है और जिसे तू चाहता है, उसे अपमानित करता है। यह सब तेरी हिकमत और न्याय से होता है। केवल तेरे ही हाथ में सारी भलाई है और तू सब कुछ करने में सक्षम हैं।