أُوْلَٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ حَبِطَتۡ أَعۡمَٰلُهُمۡ فِي ٱلدُّنۡيَا وَٱلۡأٓخِرَةِ وَمَا لَهُم مِّن نَّٰصِرِينَ ٢٢
यही वे लोग हैं, जिनके कर्म दुनिया तथा आख़िरत में बर्बाद हो गए और उनकी मदद करने वाले कोई नहीं।
तफ़सीर
जो लोग इन गुणों से विशेषित हैं, उनके कर्म बर्बाद हो गए। अतः उन्हें इस दुनिया में या आख़िरत में उनसे कोई लाभ नहीं होगा। क्योंकि वे अल्लाह पर ईमान नहीं रखते हैं। तथा उनके लिए कोई सहायक नहीं होंगे, जो उनसे अज़ाब को टाल सकें।