مَتَٰعٞ قَلِيلٞ ثُمَّ مَأۡوَىٰهُمۡ جَهَنَّمُۖ وَبِئۡسَ ٱلۡمِهَادُ ١٩٧
यह थोड़ी-सी सुख-सामग्री119 है, फिर उनका ठिकाना जहन्नम है और वह बहुत बुरा ठिकाना है!
फ़ुटनोट
119 अर्थात सामयिक सांसारिक आनंद है।
तफ़सीर
यह दुनिया दरअसल थोड़ी सी सुख-सामग्री है, जिसे स्थायित्व प्राप्त नहीं है। फिर उसके बाद उनका ठिकाना जहाँ वे क़यामत के दिन लौटकर जाएँगे : जहन्नम है। और आग उनके लिए बहुत बुरा ठिकाना है।