सूरह Al-Imran, आयत 137

3:137

قَدۡ خَلَتۡ مِن قَبۡلِكُمۡ سُنَنٞ فَسِيرُواْ فِي ٱلۡأَرۡضِ فَٱنظُرُواْ كَيۡفَ كَانَ عَٰقِبَةُ ٱلۡمُكَذِّبِينَ ١٣٧

तुमसे पहले भी समान परंपराएं (परिस्थितियाँ) गुज़र चुकी75 हैं। इसलिए तुम धरती में चलो-फिरो और देखो कि झुठलाने वालों का अंत कैसे हुआॽ

फ़ुटनोट

75 उहुद की पराजय पर मुसलमानों को दिलासा दिया जा रहा है, जिसमें उनके 70 व्यक्ति शहीद हुए। (तफ़्सीर इब्ने कसीर)

तफ़सीर

जब उहुद के दिन मोमिनों को उनपर उतरने वाली विपदा के द्वारा आज़माया गया, तो अल्लाह ने उन्हें सांत्वना देते हुए फ़रमाया : तुमसे पूर्व भी काफिरों के विनाश किए जाने तथा मोमिनों की परीक्षा के पश्चात उन का अंत सुमंगल होने के कई ईश्वरीय परंपराएं गुज़र चुकी हैं। अतः तुम धरती में चलो-फिरो और सीख प्राप्त करते हुए देखो कि अल्लाह और उसके रसूल को झुठलाने वालों का अंत कैसे हुआ। उनके घर उजड़ गए और उनका राज्य समाप्त हो गया।