सूरह Al-Hijr, आयत 62

15:62

قَالَ إِنَّكُمۡ قَوۡمٞ مُّنكَرُونَ ٦٢

तो उस (लूत अलैहिस्सलाम) ने कहा : तुम तो अपरिचित लोग हो।

तफ़सीर

लूत अलैहिस्सलाम ने उनसे कहा : तुम अनजान लोग हो।