सूरह Al-Hajj, आयत 58

22:58

وَٱلَّذِينَ هَاجَرُواْ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِ ثُمَّ قُتِلُوٓاْ أَوۡ مَاتُواْ لَيَرۡزُقَنَّهُمُ ٱللَّهُ رِزۡقًا حَسَنٗاۚ وَإِنَّ ٱللَّهَ لَهُوَ خَيۡرُ ٱلرَّٰزِقِينَ ٥٨

तथा जिन लोगों ने अल्लाह के मार्ग में अपना घरबार छोड़ा। फिर मारे गए या मर गए, निश्चय अल्लाह उन्हें अवश्य उत्तम रोज़ी प्रदान करेगा। और निःसंदेह अल्लाह ही सब रोज़ी देने वालों से बेहतर है।

तफ़सीर

जिन लोगों ने अल्लाह की प्रसन्नता प्राप्त करने और उसके धर्म को सर-बुलंद करने के लिए अपना घरबार और वतन छोड़ा, फिर उसके रास्ते में जिहाद करते हुए मारे गए या मर गए, निश्चय अल्लाह उन्हें जन्नत में बेहतरीन स्थायी रोज़ी देगा, जो कभी खत्म न होगी। और पवित्र अल्लाह ही सबसे उत्तम रोज़ी देने वाला है।