إِنَّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَٱلَّذِينَ هَادُواْ وَٱلصَّٰبِـِٔينَ وَٱلنَّصَٰرَىٰ وَٱلۡمَجُوسَ وَٱلَّذِينَ أَشۡرَكُوٓاْ إِنَّ ٱللَّهَ يَفۡصِلُ بَيۡنَهُمۡ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِۚ إِنَّ ٱللَّهَ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ شَهِيدٌ ١٧
निःसंदेह जो लोग ईमान लाए तथा जो यहूदी हुए, तथा साबी और ईसाई और मजूसी तथा वे लोग जिन्होंने शिर्क किया, निश्चय अल्लाह उन सबके बीच क़ियामत के दिन निर्णय9 कर देगा। निःसंदेह अल्लाह प्रत्येक वस्तु पर गवाह है।
फ़ुटनोट
9 अर्थात प्रत्येक को अपने कर्म की वास्तविकता का ज्ञान हो जाएगा।
तफ़सीर
इस उम्मत के जो लोग अल्लाह पर ईमान लाए, तथा यहूदी, साबी (किसी नबी के अनुयायियों का एक समूह), ईसाई, अग्नि पूजक और मूर्तिपूजा करने वाले - अल्लाह क़ियामत के दिन इनके बीच फैसला कर देगा। चुनाँचे मोमिनों को जन्नत में दाखिल करेगा और उनके सिवा अन्य लोगों को जहन्नम में दाखिल करेगा। अल्लाह अपने बंदों के कथनों और कर्मों में से हर चीज़ से अवगत है। इनमें से कोई चीज़ उससे छिपी नहीं है और वह उन्हें इनका बदला देगा।