सूरह Al-Fajr, आयत 26

89:26

وَلَا يُوثِقُ وَثَاقَهُۥٓ أَحَدٞ ٢٦

और न उसके बाँधने जैसा कोई बाँधेगा।4

फ़ुटनोट

4 (21-26) इन आयतों मे बताया गया है कि धन पूजने और उससे परलोक न बनाने का दुष्परिणाम नरक की घोर यातना के रूप में सामने आएगा, तब भौतिकवादी कुकर्मियों की समझ में आएगा कि क़ुरआन को न मानकर बड़ी भूल हुई और हाथ मलेंगे।

तफ़सीर

और न उसके काफ़िरों को ज़ंजीरों में बाँधने की तरह कोई बाँधेगा।