كَلَّآۖ إِذَا دُكَّتِ ٱلۡأَرۡضُ دَكّٗا دَكّٗا ٢١
हरगिज़ नहीं! जब धरती कूट-कूटकर चूर्ण-विचूर्ण कर दी जाएगी।
तफ़सीर
तुम्हें हरगिज़ ऐसा नहीं करना चाहिए, और उस समय को याद रखो, जब धरती ज़ोर-ज़ोर से हिला दी जाएगी।
كَلَّآۖ إِذَا دُكَّتِ ٱلۡأَرۡضُ دَكّٗا دَكّٗا ٢١
हरगिज़ नहीं! जब धरती कूट-कूटकर चूर्ण-विचूर्ण कर दी जाएगी।
तुम्हें हरगिज़ ऐसा नहीं करना चाहिए, और उस समय को याद रखो, जब धरती ज़ोर-ज़ोर से हिला दी जाएगी।