وَقَالُواْ لَن تَمَسَّنَا ٱلنَّارُ إِلَّآ أَيَّامٗا مَّعۡدُودَةٗۚ قُلۡ أَتَّخَذۡتُمۡ عِندَ ٱللَّهِ عَهۡدٗا فَلَن يُخۡلِفَ ٱللَّهُ عَهۡدَهُۥٓۖ أَمۡ تَقُولُونَ عَلَى ٱللَّهِ مَا لَا تَعۡلَمُونَ ٨٠
तथा उन्होंने कहा कि हमें जहन्नम की आग गिनती के कुछ दिनों के सिवा हरगिज़ नहीं छुएगी। (ऐ नबी!) कह दीजिए कि क्या तुमने अल्लाह से कोई वचन ले रखा है, तो अल्लाह कदापि अपने वचन के विरुद्ध नहीं करेगा, या तुम अल्लाह पर वह बात कहते हो, जिसका तुम्हें ज्ञान नहीं।
तफ़सीर
तथा उन्होंने - झूठ-मूठ और धोखेबाज़ी से - कहा : हमें आग हरगिज़ नहीं छुएगी और हम कुछ दिनों के अलावा उसमें हरगिज़ प्रवेश नहीं करेंगे। ऐ नबी! आप इनसे कह दीजिए : क्या तुमने इसपर अल्लाह से पक्का वादा ले रखा है? अगर तुम्हारे पास ऐसा वादा है; तो निःसंदेह अल्लाह अपना वादा नहीं तोड़ता। या फिर तुम - झूठ का सहारा लेते हुए - अल्लाह के बारे में ऐसी बात कहते हो, जो तुम नहीं जानते?