قَالُواْ ٱدۡعُ لَنَا رَبَّكَ يُبَيِّن لَّنَا مَا هِيَ إِنَّ ٱلۡبَقَرَ تَشَٰبَهَ عَلَيۡنَا وَإِنَّآ إِن شَآءَ ٱللَّهُ لَمُهۡتَدُونَ ٧٠
उन्होंने कहा : हमारे लिए अपने पालनहार से प्रार्थना करो, वह हमारे लिए स्पष्ट कर दे वह (गाय) क्या है? निःसंदेह गायें हमपर एक-दूसरे से मिलती-जुलती हो गई हैं। और निश्चय हम यदि अल्लाह ने चाहा, तो उद्देश्य तक पहुँचने ही वाले हैं।
तफ़सीर
फिर वे अपने हठ में हद से बढ़ते हुए कहने लगे : अपने पालनहार से प्रार्थना करो कि वह हमारे लिए इसके गुणों को और अधिक स्पष्ट कर दे; क्योंकि उपर्युक्त विशेषताओं वाली गायें बहुत हैं, उनमें से हम उसकी पहचान नहीं कर सकते। उन्होंने इस बात की पुष्टि भी की कि - यदि अल्लाह ने चाहा - तो वे ज़बह के लिए अपेक्षित गाय तक पहुँच जाएँगे।