هُوَ ٱلَّذِي خَلَقَ لَكُم مَّا فِي ٱلۡأَرۡضِ جَمِيعٗا ثُمَّ ٱسۡتَوَىٰٓ إِلَى ٱلسَّمَآءِ فَسَوَّىٰهُنَّ سَبۡعَ سَمَٰوَٰتٖۚ وَهُوَ بِكُلِّ شَيۡءٍ عَلِيمٞ ٢٩
वही है, जिसने धरती में जो कुछ है, सब तुम्हारे लिए पैदा किया, फिर आकाश की ओर रुख़ किया, तो उन्हें ठीक करके सात आकाश बना दिया और वह प्रत्येक चीज़ को ख़ूब जानने वाला है।
तफ़सीर
अकेला अल्लाह ही है, जिसने धरती पर जो कुछ भी है, जैसे- नदियाँ, पेड़ और अन्य चीज़ें जिनकी गिनती नहीं की जा सकती, तुम्हारे लिए पैदा किया, तथा तुम उससे लाभान्वित होते और उसका आनंद लेते हो जो उसने तुम्हारे अधीन किया है। फिर वह आसमान की रचना करने की ओर मुतवज्जेह हुआ और उन्हें ठीक-ठाक सात आसमान बना दिया। तथा उसके ज्ञान ने हर वस्तु को अपने घेरे में ले रखा है।