فَهَزَمُوهُم بِإِذۡنِ ٱللَّهِ وَقَتَلَ دَاوُۥدُ جَالُوتَ وَءَاتَىٰهُ ٱللَّهُ ٱلۡمُلۡكَ وَٱلۡحِكۡمَةَ وَعَلَّمَهُۥ مِمَّا يَشَآءُۗ وَلَوۡلَا دَفۡعُ ٱللَّهِ ٱلنَّاسَ بَعۡضَهُم بِبَعۡضٖ لَّفَسَدَتِ ٱلۡأَرۡضُ وَلَٰكِنَّ ٱللَّهَ ذُو فَضۡلٍ عَلَى ٱلۡعَٰلَمِينَ ٢٥١
तो उन्होंने अल्लाह की अनुज्ञा से उन्हें पराजित कर दिया और दाऊद ने जालूत को क़त्ल कर दिया तथा अल्लाह ने उस (दाऊद)166 को राज्य और ह़िकमत प्रदान की तथा उसे जो कुछ चाहता था, सिखा दिया। और यदि अल्लाह का कुछ लोगों को कुछ लोगों द्वारा हटाना न होता, तो निश्चय धरती की व्यवस्था बिगड़ जाती। परंतु अल्लाह संसार वालों पर बड़े अनुग्रह वाला है।
फ़ुटनोट
166 दाऊद अलैहिस्सलाम तालूत की सेना में एक सैनिक थे, जिनको अल्लाह ने राज्य देने के साथ नबी भी बनाया। उन्हीं के पुत्र सुलैमान अलैहिस्सलाम थे। दाऊद अलैहिस्सलाम को अल्लाह ने धर्म पुस्तक ज़बूर प्रदान की। सूरत साद में उनकी कहानी आ रही है।
तफ़सीर
उन्होंने अल्लाह के हुक्म से उन्हें पराजित कर दिया और दाऊद ने उनके सरदार जालूत को क़त्ल कर दिया। फिर अल्लाह ने दाऊद को बादशाहत और नुबुव्वत प्रदान की और उन्हें जिस प्रकार के भी ज्ञान चाहता था, सिखाया। इस तरह दुनिया और आख़िरत के लिए जो भी चीज़ उपयुक्त थी, उनके लिए एकत्रित कर दिया। यदि अल्लाह का यह नियम न होता कि वह कुछ लोगों द्वारा कुछ लोगों के उपद्रव को हटाता है; तो निश्चय धरती उसमें उपद्रव (भ्रष्टाचार) करने वालों के प्रभुत्व से भ्रष्ट हो जाती। लेकिन, अल्लाह सभी प्राणियों पर अनुग्रह वाला है।