أُوْلَٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ ٱشۡتَرَوُاْ ٱلضَّلَٰلَةَ بِٱلۡهُدَىٰ فَمَا رَبِحَت تِّجَٰرَتُهُمۡ وَمَا كَانُواْ مُهۡتَدِينَ ١٦
यही लोग हैं, जिन्होंने हिदायत (मार्गदर्शन) के बदले गुमराही खरीद ली। तो न उनके व्यापार ने लाभ दिया और न वे हिदायत पाने वाले बने।
तफ़सीर
वे मुनाफ़िक़ जिन्हें इन विशेषताओं के साथ वर्णित किया गया है, वही लोग हैं जिन्होंने ईमान के बदले कुफ़्र को चुना। इसलिए उनके व्यापार से कोई लाभ नहीं हुआ; क्योंकि वे अल्लाह पर ईमान से हाथ धो बैठे और उन्हें सत्य मार्ग भी प्राप्त नहीं हुआ।